अंकोरवाट मंदिर का रहस्य, जानकर चौक जाओगे
अंकोरवाट मंदिर पर रामायण और महाभारत की चित्रकारी देखने को मिलती है जो हिंदू धर्म के गौरवशाली इतिहास को बयां करती है. -
अंकोरवाट में जगह-जगह पर मंदिर हैं यहां हर थोड़ी दूरी पर आपको भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शंकर के मंदिर देखने को मिल जाएंगे. -अंकोरवाट का मंदिर 162.6 हेक्टेयर जमीन यानी कि 402 एकड़ में फैला हुआ है|
यह मंदिर कम्बोड़िया देश मे है यह हिन्दू सनातन धर्म की विराट संस्कृति को दर्शाता है |
आइये जानते है कुछ रोचक तथ्य जिसे जानकर आप भी हैरान हो जायेगे
तथ्य
1. विश्व के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थानों में से एक होने के साथ ही यह मन्दिर यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। पर्यटक यहाँ केवल वास्तुशास्त्र का अनुपम सौंदर्य देखने ही नहीं आते बल्कि यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त देखने भी आते हैं। सनातनी लोग इसे पवित्र तीर्थस्थान मानते हैं।
2. कंबोडिया के अंगकोरवाट मंदिर को दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर कहा जाता है. 2 किलोमीटर में फैले इस मंदिर की दीवारों पर भारतीय हिन्दू धर्म ग्रन्थों के प्रसंगों का चित्रण है.
3. 12 वीं शताब्दी के सूर्यवर्मन द्वितीय ने अंग्कोरथोम में विष्णु का एक विशाल मंदिर बनवाया! इस मंदिर की रक्षा भी एक चतुर्दिक खाई करती है जिसकी चौड़ाई लगभग 700 फुट है। दूर से यह खाई झील के समान दिखती है! मंदिर के पश्चिम की ओर इस खाई को पार करने के लिए एक पुल बना हुआ है |
4. खमेर शास्त्रीय शैली से प्रभावित स्थापत्य वाले इस मंदिर का निर्माण कार्य सूर्यवर्मन द्वितीय ने प्रारम्भ किया परन्तु वे इसे पूर्ण नहीं कर सके! मंदिर का कार्य उनके भानजे एवं उत्तराधिकारी धरणीन्द्रवर्मन के शासनकाल में सम्पूर्ण हुआ मिश्र एवं मेक्सिको के स्टेप पिरामिडों की तरह यह सीढ़ी पर उठता गया है! इसका मूल शिखर लगभग 64 मीटर ऊँचा है इसके अतिरिक्त अन्य सभी आठों शिखर 54 मीटर उँचे है |
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